ग्रेड के नाम का मतलब
भारत में TMT सरिया IS 1786 मानक के अनुसार होना चाहिए। Fe का मतलब लोहा है और नंबर न्यूनतम यील्ड स्ट्रेंथ है। Fe500 का मतलब है कि सरिया कम से कम 500 N/mm² पर ही स्थायी रूप से खिंचना शुरू करेगा।
D का मतलब डक्टिलिटी है। D ग्रेड में ताकत वही रहती है, पर यह टूटने से पहले ज़्यादा खिंचता है और इसमें सल्फर और फॉस्फोरस की सीमा भी कम होती है।
IS 1786 की न्यूनतम शर्तें
| विशेषता | Fe500 | Fe500D |
|---|---|---|
| न्यूनतम यील्ड स्ट्रेंथ (N/mm²) | 500 | 500 |
| न्यूनतम टेंसाइल स्ट्रेंथ (N/mm²) | 545 | 565 |
| UTS और यील्ड का अनुपात, कम से कम | 1.08 | 1.10 |
| न्यूनतम लंबाई में खिंचाव | 12% | 16% |
| सल्फर + फॉस्फोरस, अधिकतम | 0.105% | 0.075% |
D ग्रेड में खिंचाव ज़्यादा होने से भूकंप या ज़्यादा भार में इमारत अचानक नहीं गिरती, पहले दरारें दिखकर चेतावनी मिलती है।
कौन सा ग्रेड कहाँ लें
- Fe500D: मकान के कॉलम, बीम और छत के लिए। अमरोहा जैसे ज़ोन IV वाले इलाके में यही बेहतर है।
- Fe500: बाउंड्री वॉल, छोटे लिंटल और हल्के काम के लिए ठीक है। मुख्य ढाँचे के लिए हम नहीं सुझाते।
- असली ग्रेड मिल के टेस्ट सर्टिफिकेट और सरिया पर उभरे निशान से जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- Fe500 और Fe500D में क्या फर्क है?
- ताकत दोनों की बराबर है। Fe500D ज़्यादा खिंचता है और इसमें हानिकारक तत्व कम होते हैं, इसलिए यह भूकंप के लिए बेहतर है।
- मकान के लिए कौन सा सरिया अच्छा है?
- Fe500D, खासकर भूकंप ज़ोन में।
- क्या Fe500D महँगा होता है?
- थोड़ा महँगा हो सकता है, पर मकान की सुरक्षा के लिहाज़ से यह फर्क बहुत छोटा है। आज का रेट जानने के लिए हमसे पूछें।