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स्क्रू या J हुक
J हुक (और U हुक) पर्लिन के चारों तरफ घूमकर शीट से निकलता है, आमतौर पर ऊपर नट और वाशर के साथ। ये एंगल या चैनल पर्लिन के लिए ठीक हैं और कोरुगेटेड GI और फाइबर सीमेंट शीट पर आम हैं। सेल्फ ड्रिलिंग स्क्रू स्टील पर्लिन में अपना छेद खुद करता है और आज कलर कोटेड और ट्रैपेज़ॉइडल मेटल छत का मानक है।
- स्क्रू: लगाने में तेज़, पकड़ मज़बूत, RHS, पाइप और चैनल पर्लिन के लिए ठीक। पर्लिन की मोटाई के हिसाब से सही ड्रिल पॉइंट चाहिए।
- J हुक: शीट में छेद करना पड़ता है और हुक पर्लिन के नीचे जाता है। एंगल पर्लिन में ठीक है, पर गर्मी सर्दी के फैलाव से समय के साथ ढीला हो सकता है।
- फाइबर सीमेंट शीट में J हुक या खास बोल्ट लगते हैं, मेटल शीट वाले स्क्रू नहीं।
सही स्क्रू कैसे चुनें
स्टील पर्लिन पर मेटल शीट के लिए आम पसंद है 5.5 mm का सेल्फ ड्रिलिंग स्क्रू, हेक्स हेड और बॉन्डेड EPDM वाशर के साथ। लेबल पर ड्रिल क्षमता देखें: पतली हल्की पर्लिन के लिए छोटा ड्रिल पॉइंट और मोटी पर्लिन के लिए लंबा, वरना स्क्रू फँसकर टूट जाएगा।
लंबाई इस पर निर्भर है कि वह किस किस से गुज़रेगा। उसे शीट के क्रेस्ट, पर्लिन से निकलकर दूसरी तरफ कुछ चूड़ियाँ बाहर छोड़नी चाहिए। स्टील पर्लिन पर एक शीट के लिए 50 से 75 mm की लंबाई आम है, पर अपनी पर्लिन की मोटाई से मिलाकर पक्का कर लें। सैंडविच पैनल में इससे काफी लंबे स्क्रू लगते हैं।
| पर्लिन | बेहतर फास्टनर | ध्यान दें |
|---|---|---|
| हल्की C या Z पर्लिन | सेल्फ ड्रिलिंग स्क्रू, छोटा ड्रिल पॉइंट | ज़्यादा कसें नहीं |
| RHS या पाइप पर्लिन | सेल्फ ड्रिलिंग स्क्रू या J हुक | स्क्रू की ड्रिल क्षमता दीवार की मोटाई के बराबर हो |
| एंगल या चैनल | J हुक या स्क्रू | कोरुगेटेड शीट में J हुक पारंपरिक है |
| लकड़ी की पर्लिन | वुड थ्रेड रूफिंग स्क्रू | सेल्फ ड्रिलिंग मेटल वाला नहीं |
क्रेस्ट में लगाएँ या वैली में
कोरुगेटेड शीट में जहाँ प्रोफाइल इजाज़त दे, क्रेस्ट (ऊँचे हिस्से) में से फिक्स करें। पानी वैली में बहता है, इसलिए वहाँ छेद मतलब नाली में छेद। क्रेस्ट में फिक्सिंग से वाशर पानी की लाइन से ऊपर रहता है और ज़्यादातर शीट कंपनियों की यही सलाह है।
कुछ ट्रैपेज़ॉइडल प्रोफाइल वैली या समतल पैन में फिक्सिंग के लिए बने होते हैं क्योंकि क्रेस्ट संकरा होता है, खासकर जहाँ स्क्रू को शीट को पर्लिन से कसकर दबाना हो। प्रोफाइल बनाने वाले की ड्रॉइंग मानें। सही स्क्रू और अच्छे EPDM वाशर के साथ दोनों जगह काम चल जाता है।
एक शीट में कितने फास्टनर
सिर्फ मोटा अंदाज़ा: हर पर्लिन पर फिक्स करें, पर्लिन की लाइन में लगभग हर दूसरे या तीसरे क्रेस्ट में एक फास्टनर, और शीट के सिरों, किनारों, रिज और इव्स पर ज़्यादा पास पास, जहाँ हवा का उठाव सबसे ज़्यादा होता है। 3 फुट चौड़ी आम कोरुगेटेड शीट में यह अक्सर प्रति पर्लिन लाइन 3 से 4 फास्टनर बैठता है, पर हवा का एक्सपोज़र, इमारत की ऊँचाई और शीट कंपनी की टेबल से अंतिम गिनती तय होनी चाहिए।
दिल्ली NCR और पश्चिमी यूपी में खुले शेड पर मानसून से पहले तेज़ आँधी चलती है। किनारों और रिज के आसपास फास्टनर बढ़ा दें। कम फास्टनर लगाना आँधी में शीट उठने की सबसे आम वजह है।
सीलिंग और वाशर
- स्क्रू पर EPDM वाशर लगाएँ। धूप में ये सस्ते रबर से ज़्यादा देर तक लचीले रहते हैं।
- तब तक कसें जब तक वाशर बस दबे, बाहर न निकले। ज़्यादा कसा वाशर फटता है, ढीला टपकता है।
- स्क्रू सीधा चलाएँ। तिरछा स्क्रू एक तरफ गैप छोड़ देता है।
- कंपनी सलाह दे तो एंड लैप और रिज कैप के आसपास न्यूट्रल क्योर सीलेंट लगाएँ।
- जिस फास्टनर का वाशर सख्त हो गया या फट गया हो, उसे बदल दें।
गैल्वनिक जंग और गर्मी से फैलाव
अलग अलग धातुएँ पानी की मौजूदगी में जहाँ छूती हैं वहाँ जंग खाती हैं। कोटेड शीट पर सादे स्टील के स्क्रू एक दो मौसम में जंग खा जाते हैं और भूरे धब्बे छोड़ते हैं। शीट से मेल खाते कोटेड या गैल्वनाइज़्ड स्क्रू लगाएँ, और एक ही छत पर तांबा, एल्युमिनियम और सादा स्टील बिना अलग किए न मिलाएँ।
मेटल शीट गर्मी में फैलती है और रात में सिकुड़ती है। लंबी शीट में यह हरकत स्क्रू ढीले कर सकती है या छेद बड़े कर सकती है। फास्टनर इतने न कसें कि शीट अकड़ जाए, और बहुत लंबी शीट के लिए कंपनी से अधिकतम सुझाई गई लंबाई या फैलाव के तरीके के बारे में पूछ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- GI और कलर कोटेड रूफिंग शीट में कौन सा स्क्रू लगता है
- EPDM वाशर के साथ 5.5 mm का सेल्फ ड्रिलिंग स्क्रू आम है। लंबाई पर्लिन और शीट प्रोफाइल पर निर्भर है, अपनी पर्लिन बताइए, हम सही स्क्रू सुझा देंगे।
- रूफिंग शीट में स्क्रू क्रेस्ट में लगाएँ या वैली में
- ज़्यादातर कोरुगेटेड शीट में क्रेस्ट में, ताकि वाशर पर पानी न ठहरे। कुछ ट्रैपेज़ॉइडल प्रोफाइल वैली फिक्सिंग के लिए बने हैं, इसलिए प्रोफाइल की ड्रॉइंग मानें।
- एक शीट में कितने स्क्रू लगते हैं
- मोटे अंदाज़े में हर पर्लिन पर और हर दूसरे या तीसरे क्रेस्ट में, किनारों, रिज और इव्स पर ज़्यादा। अंतिम गिनती हवा के एक्सपोज़र और कंपनी की टेबल से तय करें।
- रूफिंग के स्क्रू जल्दी जंग क्यों खा जाते हैं
- अक्सर कोटेड शीट पर सादे स्टील के स्क्रू लगाने से, या वाशर खराब होकर पानी घुसने से। मेल खाते कोटेड स्क्रू और EPDM वाशर लगाएँ।