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इस गाइड में
बाथरूम में रिसाव आमतौर पर कहाँ से शुरू होता है
टाइल वाटरप्रूफ होती है, पर ग्राउट की लाइनें, फर्श और दीवार का जोड़ और नाली नहीं। पानी इन कमज़ोर जगहों से घुसता है, टाइल के पीछे बहता है और बाद में नीचे वाले कमरे में या बगल के कमरे की दीवार पर सीलन बनकर दिखता है।
इसीलिए वाटरप्रूफिंग टाइल के नीचे, नंगे फर्श और दीवार के निचले हिस्से पर, टाइलिंग शुरू होने से पहले की जाती है।
कदम 1: सतह तैयार करें
- ढीला प्लास्टर, खोखली जगहें और हनीकॉम्ब छेनी से निकालें। उन्हें सीमेंट मसाले से भरें और क्योर होने दें।
- दरारें पॉलीमर मॉडिफाइड मसाले से भरें। स्लैब में बाल जैसी दरारें आम हैं, पहले उन्हें छोटी V नाली की तरह खोल लें।
- फर्श की ढलान जाँचें। पानी नाली की तरफ बहे, कमरे के बीच में न रुके।
- धूल, तेल, सीमेंट के छींटे और पुराना पेंट साफ करें। उखड़ी हुई पुरानी कोटिंग हटा दें।
- प्रोडक्ट को गीला आधार चाहिए तो सतह हल्की गीली करें, पर पानी खड़ा न छोड़ें।
कदम 2: कोनों में कोविंग करें
जहाँ फर्श दीवार से मिलता है, वहीं सबसे ज़्यादा कोट फटते और टपकते हैं। उस जोड़ पर पॉलीमर मॉडिफाइड मसाले की गोल कोविंग बनाएँ। उसे दीवार पर कम से कम कुछ सौ मिलीमीटर ऊपर तक ले जाएँ, और शावर वाली जगह में शावर की ऊँचाई तक।
कोविंग के साइज़ पर अलग अलग स्रोत अलग बताते हैं, लगभग हर तरफ 30 से 50 mm। अपने प्रोडक्ट की डेटा शीट का साइज़ लें, और हर कोने में एक जैसा रखें।
कदम 3: नाली और पाइप के पॉकेट का इलाज
फर्श या दीवार से गुज़रते पाइपों को भी कोनों जितना ध्यान चाहिए। हर पाइप के कॉलर को लचीले सीलेंट या जाली वाले कोट से सील करें, पाइप और स्लैब के बीच गैप न छोड़ें।
नहानी ट्रैप, यानी फ्लोर ट्रैप, पर खास ध्यान दें। उसका फ्लैंज ऐसे फिक्स करें कि मेम्ब्रेन उसके नीचे दबाई जा सके, और नाली की बॉडी हिले नहीं। ढीली बॉडी से पानी ट्रैप के पीछे बह जाता है और कोटिंग उसे नहीं रोक सकती। ट्रैप कोटिंग से पहले जाँचें, बाद में नहीं।
कदम 4: कोटिंग लगाएँ
भारतीय बाथरूम में तीन तरह के प्रोडक्ट चलते हैं। Dr. Fixit, Asian Paints, Birla और UltraTech के प्रोडक्ट इन्हीं तीन में आते हैं। वही चुनें जो आपका मिस्त्री जानता हो और जिसे डेटा शीट सपोर्ट करे।
| प्रकार | क्या है | कहाँ ठीक |
|---|---|---|
| सीमेंटीशियस स्लरी | सीमेंट वाला सख्त कोट, गीले आधार पर लगता है | चिनाई या कंक्रीट पर बॉन्ड और बेसिक कोट |
| पॉलीमर मॉडिफाइड (SBR या एक्रिलिक) | पॉलीमर मिला सीमेंट, लचीला, ब्रश या रोलर से | ज़्यादातर बाथरूम के फर्श और दीवार, दरारों पर जाली के साथ |
| पॉलीयुरेथेन (PU) | लचीली तरल मेम्ब्रेन, बहुत लचीली | जोड़, दरारें और हरकत वाली जगहें, आमतौर पर टाइल के नीचे |
दो कोट लगाएँ। पहला कोट डेटा शीट के हिसाब से सूखने दें, फिर दूसरा कोट पहले के आड़े (समकोण) लगाएँ ताकि एक कोट का कोई छेद दूसरा ढक ले। पैक पर लिखी पूरी कवरेज दर इस्तेमाल करें। पतला किया हुआ कोट अच्छे प्रोडक्ट के फेल होने की सबसे आम वजह है।
कदम 5: टेस्ट से पहले क्योरिंग
क्योरिंग का मतलब कोट को गीला रखना ताकि वह ठीक से सख्त हो। कई सीमेंट वाले प्रोडक्ट को कई दिन हल्का पानी छिड़कना या ढकना पड़ता है, और सही समय डेटा शीट में लिखा होता है। इस दौरान फर्श पर चलना और बाल्टी का काम न करें।
कोटिंग पूरी तरह क्योर होने से पहले फ्लड टेस्ट शुरू न करें। जल्दी टेस्ट करने पर गलत पास या गलत फेल आ सकता है।
कदम 6: फ्लड टेस्ट
नाली को प्लग या टेप से बंद करें। साफ पानी से फर्श को लगभग 25 से 50 mm, यानी 2 से 4 इंच तक भरें और ऐसे फैलाएँ कि कोई सूखी जगह न रहे। दीवार पर पेंसिल या टेप से पानी का लेवल निशान लगा दें।
पानी को 24 से 72 घंटे रहने दें। कई भारतीय मिस्त्री 24 से 48 घंटे टेस्ट करते हैं, जबकि कुछ स्पेसिफिकेशन 72 घंटे माँगते हैं। लेवल देखें और नीचे वाले कमरे की छत और पास के कमरों की दीवारें देखें। लेवल टिका रहे और कहीं सीलन न हो तो पास। लेवल गिरे या नीचे सीलन आए तो उस जगह कोट फेल हुआ है, टाइलिंग से पहले वह जगह ढूँढकर ठीक करें।
कदम 7: टेस्ट पास होने के बाद टाइलिंग
फ्लड टेस्ट पास होने पर प्रोटेक्शन स्क्रीड या टाइल बेड डालें, फिर टाइल लगाएँ। लचीला टाइल एडहेसिव और लचीला ग्राउट इस्तेमाल करें। फर्श और दीवार के जोड़ पर ग्राउट की जगह सिलिकॉन या पॉलीसल्फाइड सीलेंट लगाएँ, क्योंकि वह जोड़ हिलता है।
आम गलतियाँ
- धूल, तेल वाली या सूखी सोखने वाली कंक्रीट पर कोटिंग करना।
- कोविंग या पाइप कॉलर को छोटा समझकर छोड़ देना।
- प्रोडक्ट को पतला करना, या दो की जगह एक मोटा कोट लगाना।
- कोट क्योर होने से पहले या फ्लड टेस्ट से पहले टाइलिंग करना।
- जहाँ फर्श में दरार आएगी वहाँ न लचकने वाला सीमेंट कोट लगाना।
- ऐसा प्रोडक्ट लेना जिसकी डेटा शीट या कवरेज की जानकारी न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाथरूम वाटरप्रूफिंग कैसे करें
- सतह साफ और ठीक करें, कोनों में कोविंग बनाएँ, नाली और पाइप सील करें, दो कोट लगाएँ, क्योर होने दें, 24 से 72 घंटे का फ्लड टेस्ट करें, फिर टाइल लगाएँ। पूरे कदम ऊपर दिए हैं।
- बाथरूम का फ्लड टेस्ट कितने घंटे करें
- आमतौर पर 24 से 72 घंटे। कई मिस्त्री 24 से 48 घंटे रखते हैं। अपने प्रोडक्ट की डेटा शीट या ठेके का समय लें, और पानी का लेवल निशान लगाकर रखें ताकि गिरावट दिखे।
- क्या वाटरप्रूफिंग कोट के ऊपर उसी दिन टाइल लगा सकते हैं
- नहीं। कोट को क्योर होकर फ्लड टेस्ट पास करना चाहिए। जल्दी टाइल लगाने से नमी फँस सकती है और बॉन्ड टूट सकता है।
- बाथरूम के फर्श के लिए कौन सा वाटरप्रूफिंग प्रोडक्ट सबसे अच्छा है
- फर्श और दीवार के लिए पॉलीमर मॉडिफाइड कोट आम पसंद है। जहाँ फर्श में दरार या हरकत हो, वहाँ लचीला PU या जाली वाला सिस्टम लगता है। अपना बाथरूम बताइए, हम प्रकार सुझा देंगे।
- क्या बाथरूम की दीवारों पर भी वाटरप्रूफिंग चाहिए
- हाँ, कम से कम सुरक्षित ऊँचाई तक, और शावर वाली जगह में पूरी। सही ऊँचाई आपके डिज़ाइन और डेटा शीट पर निर्भर है, मिस्त्री से स्पेसिफिकेशन के हिसाब से करवाएँ।